आरएसईटीआई (RSETI – Rural Self Employment Training Institutes) की शुरुआत 2009 में भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) द्वारा की गई थी। यह अनूठी पहल कर्नाटक के उजिरे में 1982 में स्थापित रुडसेटी (RUDSETI – Rural Development and Self-Employment Training Institute) के सफल मॉडल पर आधारित है। इसे सिंडिकेट बैंक, केनरा बैंक और श्री मंजुनाथेश्वर ट्रस्ट ने मिलकर शुरू किया था।
आरएसईटीआई के इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु:
- मूल अवधारणा (1982): डॉ. डी. वीरेंद्र हेगड़े के मार्गदर्शन में, ग्रामीण युवाओं में बेरोजगारी को कम करने के लिए कौशल प्रशिक्षण देने हेतु रुडसेटी की स्थापना की गई थी।
- आरएसईटीआई की स्थापना (2009): रुडसेटी के सफल मॉडल को देखते हुए, भारत सरकार ने ग्रामीण बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) युवाओं के लिए हर जिले में एक RSETI (ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) स्थापित करने का निर्णय लिया।
- उद्देश्य: इन संस्थानों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को अल्पकालिक (1-6 सप्ताह) कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करना और उन्हें स्व-रोजगार के लिए प्रेरित करना है।
- प्रबंधन: RSETI का प्रबंधन बैंकों द्वारा राज्य सरकार और MoRD के सक्रिय सहयोग से किया जाता है। लीड बैंक (Lead Bank) अपने जिले में इस केंद्र को स्थापित करते हैं।
- विशेषताएँ: इसमें 18-45 वर्ष के युवाओं के लिए प्रशिक्षण, भोजन और आवास पूरी तरह से नि:शुल्क होते हैं। प्रशिक्षण के बाद बैंक द्वारा स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण (Loan) सहायता भी प्रदान की जाती है।
वर्तमान में, ये संस्थान देश भर में ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर (Atmanirbhar) बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।